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Wednesday, April 19, 2023

प्रहेलिकाः (RIDDLE)

 

१.   वृक्षाग्रवासी न च पक्षिराजः

      त्रिनेत्रधारी न च शूलपाणिः।

    त्वग् वस्त्रधारी न च सिद्धयोगी

     जलं च बिभ्रन्न घटो न मेघः॥

    अनुवादः  -

             पेड़ के ऊपर रहने वाला  परन्तु पक्षिराज गरुड़ नहीं; तीन नेत्रों वाला है किन्तु हाथ में त्रिशूल धारण करने वाले शिव नहीं। छाल जैसी वस्त्र धारण किया है परन्तु सिद्धयोगी नहीं; जल को धारण करता हुआ  न ही घड़ा और न ही मेघ है॥

 

    उत्तरम्-   नारिकेलफलम्  (नारियल) 


२.      सीमन्तिनीषु का शान्ताः?

         राजा  कोऽभूत्    गुणोत्तमः?

        विद्वद्भिः  का  सदा वन्द्या?

       अत्रैवोक्तं   न   बुध्यते॥

  उत्तरम्-     प्रथम- द्वितीय-तृतीय-चरणेषु  प्रथमस्य वर्णस्य अन्तिमवर्णेन संयोगात् उत्तरं  प्राप्यते।


        अनुवादः    -   

                          नारियों में कौन शांत है?   उत्तम गुण वाले राजा कौन हुआ? विद्वानों के द्वारा कौन सर्वदा वन्दनीय है?  यहाँ  ही उत्तर है, समझना नहीं है॥

   उत्तर -   प्रथम, द्वितीय और तृतीय चरणों  में प्रथम वर्ण को अन्तिम वर्ण के साथ मिलाने पर उत्तर प्राप्त होगा।   

सुभाषितम्( THOUGHT OF THE DAY)

दुर्लभान्यपि कार्याणि सिध्यन्ति प्रोद्यमेन ही।  शिलापि तनुतां याति प्रपातेनार्णसो मुहुः।।  अर्थात्,    कठिन से कठिनतर कार्य भी उद्यम/प्रयास ...