अपि शाकं पचानस्य सुखं वै मघवन् गृहे।
अर्जितं स्वेन वीर्येण न व्यपाश्रित्य कश्चन।।
अर्थात्,
हे इन्द्र! किसी दूसरे का सहारा न लेकर वरं अपने पराक्रम से अर्जित शाक को पकाने वाले के घर में सुख होता है।
Hindi translation of Sanskrit textbooks available for Grades 9, 10, 11, and 12. Hub for jokes, essays, and miscellaneous articles written in Sanskrit.
अपि शाकं पचानस्य सुखं वै मघवन् गृहे।
अर्जितं स्वेन वीर्येण न व्यपाश्रित्य कश्चन।।
अर्थात्,
हे इन्द्र! किसी दूसरे का सहारा न लेकर वरं अपने पराक्रम से अर्जित शाक को पकाने वाले के घर में सुख होता है।
आनन्दवाष्परोमाञ्चौ यस्य स्वेच्छावशंबदौ।
किं तस्य साथनैरनैः किङ्कराः सर्वपार्थिवाः।।
अर्थात्,
आनन्द के अश्रु तथा रोमाञ्च जिसके इच्छा के अधीन है ,उसे अन्य साधनों की क्या प्रयोजन? सभी राजा उसके नौकर हैं।
Meaning -
When the tears of joy and horripilation/goosebumps are subject to/obedient to one's own wish/desire, then what other means/instruments does he require? Thus all kings are his slaves/servants.
न गणस्याग्रतो गच्छेत्सिद्धे कार्ये समम्फलम्।
यदि कार्य विपत्तिः स्यान्मुखरस्तत्र हन्यते।।
अर्थात्,
जनसमूह का मुखिया वनकर न जाएं , क्योंकी कार्य सिद्ध होने पर सव बराबर के फल के हिस्सेदार होंगे। यदि काम विगड़ गया तब मुखिया ही मार खाते हैं।
Meaning -
One should not lead the gathering.as a chief Because the fruit of the action will be shared equally amongst all if the succeeds. But the leader is beaten up if it fails.
पित्रा पुत्रो वयःस्थोपि सततं वाच्य एव तु।
यथा स्याद् गुणसंयुक्तः प्राप्नुयात् च महद् यशः।।
अर्थात्,
पुत्र वयस्क होने पर भी पिता सर्वदा कहता/समझाता रहना चाहिए जिससे वह गुणी बने और अधिक यश प्राप्त कर सकें।
Meaning -
The father should keep advising the son even after growing up so that the latter can become moral and more famous.
असत्यवचनं प्राज्ञः प्रमादेनापि न वदेत्।
श्रेयांसि येन भज्यन्ते वात्ययेव महाद्रुमाः।।
अर्थात्,
बुद्धिमान् व्यक्ति कभी गलती से भी असत्य भाषण नहीं वोलना चाहिये क्योंकि उससे कल्याण वैसे टूट जाते हैं (/नष्ट हो जाते हैं) जैसे आंधी से महावृक्ष।
Meaning -
A wise man should never tell a lie even by mistake. Because this breaks the good fortune just like the storm uproots the big trees.
पीत्वा रसं तु कटुकं मधुरं समानं
माधुर्यमेव जनयेन्मधुमक्षिकासौ।
सन्तस्तथैव समसज्जनदुर्जनानां
श्रुत्वा वचः मधुरसूक्तरसं सृजन्ति।।
अर्थात्,
मधुर रस के साथ कड़ुवे रस को भी पान कर यह मधुमक्खी मधुर रस को ही निष्पन्न करती है; वेसे ही विद्वान व्यक्ति सज्जनों के साथ दुर्जनों का भी वचन सुनकर मधुर तथा उत्तम वचन रूपी रस का निर्माण करते हैं।
Meaning -
The honey bee consumes sweet juices as well as bitter one but produce only honey which is sweet in nature . Like that, wise people create only sweet and noble talks, what type of talks they listen from good and bad persons .
संपदि यस्य न हर्षो विपदि विषादो रणे च भीरूत्वम्।
तं भुवनत्रयतिलकं जनयति जननी सुतं विरलम्।।
अर्थात्,
जिसे संपत्ति आने पर अधिक प्रसन्नता और संकट आने पर दुःख न हो तथा युद्ध में जिसे भय न हो, त्रिभुवन में श्रेष्ठ ऐसे पुत्र को विरल ही कोई माता जन्म देती है।
Meaning -
It's rare for any mother to give birth to a child who is best amongst the three worlds who neither becomes happy when wealth arrives nor is frustrated in difficult times and is not afraid of war .
अपि शाकं पचानस्य सुखं वै मघवन् गृहे। अर्जितं स्वेन वीर्येण न व्यपाश्रित्य कश्चन।। अर्थात्, हे इन्द्र! किसी दूसरे का सहारा न लेकर वरं अपने...