Thursday, April 30, 2026

सुभाषितम्(NOBLE THOUGHTS)

 उक्त्वानृतं भवेद्यत्र प्राणीनां प्राणरक्षणम्।

अनृतं तत्र सत्यं स्यात्सत्यमप्यनृतं भवेत्।।

अर्थात्, 

  झूठ बोलने से जहाँ प्राणियों की प्राणरक्षा हो सकती हो वहाँ झूठ भी सच है और सच भी झूठ होता है। 

Meaning --

Where telling a lie can save the life of people, there the lie would be true and true becomes lie. 

Wednesday, April 29, 2026

सुभाषितम्(NOBLE THOUGHTS)

 अपि शाकं पचानस्य सुखं वै मघवन् गृहे।

अर्जितं स्वेन वीर्येण न व्यपाश्रित्य कश्चन।।

अर्थात्,

  हे इन्द्र! किसी दूसरे का सहारा न लेकर वरं अपने पराक्रम से ही अर्जित शाक को पकाने वाले के घर में सुख होता है।

O lndra! Happiness remains there in the house of one who consumes food earned through his own valour without taking any other's help.


Tuesday, April 28, 2026

सुभाषितम्(NOBLE THOUGHTS)

 आनन्दवाष्परोमाञ्चौ यस्य स्वेच्छावशंबदौ।

किं तस्य साथनैरनैः किङ्कराः सर्वपार्थिवाः।।

अर्थात्,

आनन्द के अश्रु तथा रोमाञ्च जिसके इच्छा के अधीन है ,उसे अन्य साधनों की क्या प्रयोजन? सभी राजा उसके नौकर हैं।

   Meaning -

  When the tears of joy and horripilation/goosebumps are subject to/obedient to one's own  wish/desire, then what other means/instruments does he require? Thus all kings are his slaves/servants.

Monday, April 27, 2026

सुभाषितम्(NOBLE THOUGHTS)

 न गणस्याग्रतो गच्छेत्सिद्धे कार्ये समम्फलम्।

यदि कार्य विपत्तिः स्यान्मुखरस्तत्र हन्यते।। 

अर्थात्, 

जनसमूह का मुखिया वनकर न जाएं , क्योंकी कार्य सिद्ध होने पर सव बराबर के फल के हिस्सेदार होंगे। यदि काम विगड़ गया तब मुखिया ही मार खाते हैं।

Meaning -

  One should not lead the gathering.as a chief Because the fruit of the action will be shared equally amongst all if the succeeds. But the leader is beaten up if it fails.

   

Sunday, April 26, 2026

सुभाषितम्(NOBLE THOUGHTS)

 पित्रा पुत्रो वयःस्थोपि सततं वाच्य एव तु।

यथा स्याद् गुणसंयुक्तः प्राप्नुयात् च महद् यशः।।

अर्थात्,

    पुत्र वयस्क होने पर भी पिता सर्वदा कहता/समझाता रहना चाहिए जिससे वह गुणी बने और अधिक यश प्राप्त  कर सकें।

Meaning -

   The father should keep advising the son even after growing up so that the latter can become moral and more famous.


Saturday, April 25, 2026

सुभाषितम्(NOBLE THOUGHTS)

 असत्यवचनं प्राज्ञः प्रमादेनापि न वदेत्।

श्रेयांसि येन भज्यन्ते वात्ययेव महाद्रुमाः।।

अर्थात्,

 बुद्धिमान् व्यक्ति कभी गलती से भी असत्य भाषण नहीं वोलना चाहिये क्योंकि उससे कल्याण वैसे टूट जाते हैं (/नष्ट हो जाते हैं) जैसे आंधी से महावृक्ष।

Meaning -

      A wise man should never tell a lie even by mistake. Because this breaks the good fortune just like the storm uproots the big trees.

Thursday, April 23, 2026

सुभाषितम्(NOBLE THOUGHTS)

 पीत्वा रसं तु कटुकं मधुरं समानं 

माधुर्यमेव जनयेन्मधुमक्षिकासौ।

सन्तस्तथैव समसज्जनदुर्जनानां

श्रुत्वा वचः मधुरसूक्तरसं सृजन्ति।।

अर्थात्,

  मधुर रस के साथ कड़ुवे रस को भी पान कर यह मधुमक्खी मधुर रस को ही निष्पन्न करती है; वेसे ही विद्वान व्यक्ति सज्जनों के साथ दुर्जनों का भी वचन सुनकर मधुर तथा उत्तम वचन रूपी रस का निर्माण करते हैं।

Meaning -

    The honey bee consumes sweet juices as well as bitter one but produce only honey which is sweet in nature . Like that, wise people create only sweet and noble talks, what type of talks they listen from good and bad persons .

सुभाषितम्(NOBLE THOUGHTS)

 उक्त्वानृतं भवेद्यत्र प्राणीनां प्राणरक्षणम्। अनृतं तत्र सत्यं स्यात्सत्यमप्यनृतं भवेत्।। अर्थात्,    झूठ बोलने से जहाँ प्राणियों की प्राणर...