Tuesday, October 28, 2025

सुभाषितम् (THOUGHT OF THE DAY)

 जलबिन्दूनिपातेन क्रमशः पूर्यते घटः। 

स हेतुः सर्वविद्यानां धर्मस्य च धनस्य च।। 

अर्थात्  --  
            जल की एक एक बूंद  गिरने से जैसे धीरे धीरे घड़ा भर जाता है वही कारण सव प्रकारकी विद्याओं का, धनका और धर्मका भी है ।

Meaning  --

         Just like with every drop of water the pot gets fill slowly, the same applies on acquiring  education, richness and righteousness also.

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