Hindi translation of Sanskrit textbooks available for Grades 9, 10, 11, and 12. Hub for jokes, essays, and miscellaneous articles written in Sanskrit.
Wednesday, July 29, 2026
सुभाषितम्(THOUGHT OF THE DAY)
Wednesday, June 3, 2026
सुभाषितम्( THOUGHT OF THE DAY)
दुर्लभान्यपि कार्याणि सिध्यन्ति प्रोद्यमेन ही।
शिलापि तनुतां याति प्रपातेनार्णसो मुहुः।।
अर्थात्,
कठिन से कठिनतर कार्य भी उद्यम/प्रयास से निश्चितरूप से सिद्धिप्रद/सफल होते हैं। क्योंकि जल बार-बार गिरने से पत्थर भी क्षीण/छोटा हो जाता है।
Meaning -
Difficult actions certainly get success due to continuous effort. Just as regular flow of water even shorten the stone.
Monday, June 1, 2026
सुभाषितम्( THOUGHT OF THE DAY)
सा विद्या या मदं हन्ति सा श्रीर्यार्थिषु वर्षति।
धर्मानुसारिणी या च सा बुद्धिरभिधीयते॥
अर्थात्,
विद्या वह है, जो अहंकार को नष्ट करे। लक्ष्मी वह है जो याचकों पर वरषे । बुद्धि वह कही जाती है जो धर्मानुसारिणी हो।
Meaning -
Wisdom is that which keeps pride away. Lakshmi/ wealth is that which showers upon the supplicants. And intellect is said to be that which follows 'Dharma'.
Sunday, May 24, 2026
सुभाषितम्(THOUGHT OF THE DAY)
अनादानमदत्त स्यास्तेयव्रतमुदीदितम्।
बाह्याः प्राणा नृणामर्थो हरता तं हता ही ते।।
अर्थात्,
न दी गई वस्तु को न लेना अस्तेय विद्या(/चोरी न करने का नियम) कहा गया है। धन मनुष्यों का बाहरी प्राण है। जिसने उन धन को ले लिया उसने उन प्राणों को ही हरण कर लिया ।
Friday, May 22, 2026
सुभाषितम्(THOUGHT OF THE DAY)
उपायेषु स्थितस्यापि नश्यन्त्यर्थाः प्रमाद्यतः।
अर्थात्,
युक्तिपूर्वक कार्य करने वाले व्यक्ति के कार्य भी असावधानता के कारण नष्ट हो जाते हैं।
Thursday, May 7, 2026
सुभाषितम्(THOUGHT OF THE DAY)
यथा चित्तं तथा वाचो यथा वाचस्तथा क्रिया।
चित्ते वाचि क्रियायां च साधूनामेकरूपता।।
अर्थात्,
जैसा मन वैसे ही वाणी, जैसी वाणी वैसे ही कार्य होता है। सज्जनों के मन, वाणी और कार्य में समानता होती है।
Meaning --
As the mind so is the speech and as the speech so is the action. There is equality in thought, speech and actions of noble people.
Wednesday, May 6, 2026
सुभाषितम्(THOUGHT OF THE DAY)
न च शत्रुरवज्ञेयो दुर्बलोऽपि बलीयसा।
अल्पोऽपि हि दहत्यग्निर्विषमल्पं हिनस्ति च।।
अर्थात्,
बलवान व्यक्ति को शत्रु का उपेक्षा दुर्बल होने पर भी नहीं करनी चाहिए। क्योंकि थोड़ी सी भी अग्नि जला देती है और थोड़ा-सा विष भी मार डालता है।
Meaning --
A powerful man should not ignore the enemies even the weak one. Because a little bit of fire also burns and even a small amount of poison kills.
Tuesday, May 5, 2026
सुभाषितम्(THOUGHT OF THE DAY)
अति सर्वनाश हेतुर्ह्यतोऽत्यन्तं विवर्जयेत्।
अर्थात्,
अति सर्वनाश का कारण है। इसलिए अत्यधिक का परित्याग करना चाहिए।
Meaning --
Excess is the cause of destruction. Hence one should forbid it in every respect.
Monday, May 4, 2026
सुभाषितम्(THOUGHT OF THE DAY)
उच्चासनगतो नीचो नीचः एव न चोत्तमः।
प्रासादशिखरस्थोपि काकः न गरुडायते।।
अर्थात्,
ऊँचे पद पर आसीन होने पर भी नीच नीच ही रहता है,उत्तम नहीं बन पाता। जैसे महल के शिखर पर बैठा हुआ कौवा कभी गरूड नहीं बनता है।
Meaning --
A despicable /mean person remains mean even though he holds a high position ; but can't be perfect. Just like the crow sitting on the top of the palace cannot be a vulture .
Sunday, May 3, 2026
सुभाषितम्(THOUGHT OF THE DAY)
अक्रमेणानुपायेन कर्मारम्भो न सिध्यति।
अर्थात्,
विना क्रम के और विना युक्ति के शुरु किया गया काम सफल नहीं होता है।
Meaning --
The work started without any arrangement and planning doesn't succeed.
Friday, May 1, 2026
सुभाषितम्(THOUGHT OF THE DAY)
सुजनो न कुप्यत्येव अथ कुप्यति विप्रियं न चिन्तयति।
अथ चिन्तयति न जल्पति अथ जल्पति लज्जितो भवति।।
अर्थात्,
सज्जन क्रोध नहीं करता है यदि कभी क्रोध करता है तब अनिष्ट नहीं सोचता है और यदि सोचता है तब अप्रिय नहीं बोलता है और यदि बोलता है तब लज्जित होता है।
Meaning --
A wise man doesn't get angry and if ever he would do so then he won't think about to blame. If he thinks to do so then he would not talk unpleasant. And if he tells so then he would be ashamed.
Thursday, April 30, 2026
सुभाषितम्(THOUGHT OF THE DAY)
उक्त्वानृतं भवेद्यत्र प्राणीनां प्राणरक्षणम्।
अनृतं तत्र सत्यं स्यात्सत्यमप्यनृतं भवेत्।।
अर्थात्,
झूठ बोलने से जहाँ प्राणियों की प्राणरक्षा हो सकती हो वहाँ झूठ भी सच है और सच भी झूठ होता है।
Meaning --
Where telling a lie can save the life of people, there the lie would be true and true becomes lie.
Wednesday, April 29, 2026
सुभाषितम्(THOUGHT OF THE DAY)
अपि शाकं पचानस्य सुखं वै मघवन् गृहे।
अर्जितं स्वेन वीर्येण न व्यपाश्रित्य कश्चन।।
अर्थात्,
हे इन्द्र! किसी दूसरे का सहारा न लेकर वरं अपने पराक्रम से ही अर्जित शाक को पकाने वाले के घर में सुख होता है।
O lndra! Happiness remains there in the house of one who consumes food earned through his own valour without taking any other's help.
Tuesday, April 28, 2026
सुभाषितम्(THOUGHT OF THE DAY)
आनन्दवाष्परोमाञ्चौ यस्य स्वेच्छावशंबदौ।
किं तस्य साधनैरनैः किङ्कराः सर्वपार्थिवाः।।
अर्थात्,
आनन्द के अश्रु तथा रोमाञ्च जिसके इच्छा के अधीन है ,उसे अन्य साधनों की क्या प्रयोजन? सभी राजा उसके नौकर हैं।
Meaning -
When the tears of joy and horripilation/goosebumps are subject to/obedient to one's own wish/desire, then what other means/instruments does he require? Thus all kings are his slaves/servants.
Monday, April 27, 2026
सुभाषितम्(THOUGHT OF THE DAY)
न गणस्याग्रतो गच्छेत्सिद्धे कार्ये समम्फलम्।
यदि कार्य विपत्तिः स्यान्मुखरस्तत्र हन्यते।।
अर्थात्,
जनसमूह का मुखिया वनकर न जाएं , क्योंकी कार्य सिद्ध होने पर सव बराबर के फल के हिस्सेदार होंगे। यदि काम विगड़ गया तब मुखिया ही मार खाते हैं।
Meaning -
One should not lead the gathering.as a chief Because the fruit of the action will be shared equally amongst all if the succeeds. But the leader is beaten up if it fails.
Sunday, April 26, 2026
सुभाषितम्(THOUGHT OF THE DAY)
पित्रा पुत्रो वयःस्थोपि सततं वाच्य एव तु।
यथा स्याद् गुणसंयुक्तः प्राप्नुयात् च महद् यशः।।
अर्थात्,
पुत्र वयस्क होने पर भी पिता सर्वदा कहता/समझाता रहना चाहिए जिससे वह गुणी बने और अधिक यश प्राप्त कर सकें।
Meaning -
The father should keep advising the son even after growing up so that the latter can become moral and more famous.
Saturday, April 25, 2026
सुभाषितम्(THOUGHT OF THE DAY)
असत्यवचनं प्राज्ञः प्रमादेनापि न वदेत्।
श्रेयांसि येन भज्यन्ते वात्ययेव महाद्रुमाः।।
अर्थात्,
बुद्धिमान् व्यक्ति कभी गलती से भी असत्य भाषण नहीं वोलना चाहिये क्योंकि उससे कल्याण वैसे टूट जाते हैं (/नष्ट हो जाते हैं) जैसे आंधी से महावृक्ष।
Meaning -
A wise man should never tell a lie even by mistake. Because this breaks the good fortune just like the storm uproots the big trees.
Thursday, April 23, 2026
सुभाषितम्(THOUGHT OF THE DAY)
पीत्वा रसं तु कटुकं मधुरं समानं
माधुर्यमेव जनयेन्मधुमक्षिकासौ।
सन्तस्तथैव समसज्जनदुर्जनानां
श्रुत्वा वचः मधुरसूक्तरसं सृजन्ति।।
अर्थात्,
मधुर रस के साथ कड़ुवे रस को भी पान कर यह मधुमक्खी मधुर रस को ही निष्पन्न करती है; वेसे ही विद्वान व्यक्ति सज्जनों के साथ दुर्जनों का भी वचन सुनकर मधुर तथा उत्तम वचन रूपी रस का निर्माण करते हैं।
Meaning -
The honey bee consumes sweet juices as well as bitter one but produce only honey which is sweet in nature . Like that, wise people create only sweet and noble talks, what type of talks they listen from good and bad persons .
Wednesday, April 22, 2026
सुभाषितम्(THOUGHT OF THE DAY)
संपदि यस्य न हर्षो विपदि विषादो रणे च भीरूत्वम्।
तं भुवनत्रयतिलकं जनयति जननी सुतं विरलम्।।
अर्थात्,
जिसे संपत्ति आने पर अधिक प्रसन्नता और संकट आने पर दुःख न हो तथा युद्ध में जिसे भय न हो, त्रिभुवन में श्रेष्ठ ऐसे पुत्र को विरल ही कोई माता जन्म देती है।
Meaning -
It's rare for any mother to give birth to a child who is best amongst the three worlds who neither becomes happy when wealth arrives nor is frustrated in difficult times and is not afraid of war .
Wednesday, April 1, 2026
सुभाषितम्(THOUGHT OF THE DAY)
घृष्टं घृष्टं पुनरपि पुनश्चन्दनं चारुगन्धं,
छिन्नः छिन्नः पुनरपि पुनः स्वादुमानिक्षुदण्डः।
दग्धं दग्धं पुनरपि पुनः काञ्चनं कान्तवर्णं,
प्राणान्तेऽपि प्रकृति विकृतिर्जायते नोत्तमानाम्।।
अर्थात्,
चन्दन काष्ठ को वारवार घिसने से उसमें से सुमधुर वास उत्पन्न होता है। गन्ना वारवार चर्वित होने पर स्वादुयुक्त होता है। सुवर्ण आग में जलने से कमनीय वर्ण धारण करता है। उसी प्रकार प्राण जाते समय सज्जनों के स्वभाव परिवर्तित नहीं होते हैं।
NCERT SANSKRIT BHASHWATI CLASS - 12 CHAPTER - 1 ANUSHASANAM
हिन्दी अनुवाद -- वेद पढ़ा कर आचार्य शिष्य को उपदेश देते हैं। सत्य बोलो। धर्म का आचरण करो। अपने अध्ययन से आलस्य मत करो। आचार्य ...
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1. मुखम् - Face 2. कपालः - Skull 3. चिकूरः - Hair 4. कर्कराला - A curl of hair, ringlet 5. अलिकं - Forehead 6. कर्ण...