Saturday, May 6, 2023

SUBHASITAM (NOBLE THOUGHTS)

 


वृन्ताकं कोमलं पथ्यं

कुष्माण्डं कोमलं विषम्

आर्द्रकं च सदा पथ्यं

अपथ्यं वदरी फलम्॥


अर्थः   -   कोमल बैंगन भोजन योग्य है,  किन्तु अविकसित पेठा (राख लौकी) विष है। अदरक सर्वदा खाने योग्य है परंतु बेर अपथ्य है (सर्बदा खाने योग्य नहीं है)॥

Meaning -

              Young brinjal is eatable,but under developed ash gourd is poison for food. Ginger is always eatable whereas it is not good to take jujube every time

सुभाषितम्(NOBLE THOUGHTS)

 उद्योगे नास्ति दारिद्रयं जपतो नास्ति पातकम्।  मौनिनः कलहो नास्ति न भयं चास्ति जाग्रतः ।। अर्थात्,          उद्योगी /परिश्रमी का दारिद्रय नह...