Tuesday, March 31, 2026

सुभाषितम(THOUGHT OF THE DAY)

 यथा कालकृतोद्योगात् कृषिः फलवती भवेत्।

तद्वन्नीतिरीयं देव चिरात् फलति न क्षणात्।।

अर्थात्,

   समय के अनुसार परिश्रम करने से जैसे कृषि कार्य भविष्यत में/कुछ समय बाद सफल होता है; वैसे ही नीतिवाक्यों को उचित समय में पालन करने से उसका लाभ उसी समय नहीं वरं भविष्यत में मिलता है।

Meaning -

    As farming would be fruitful after some days if working hard according to the nature/time. In the same way if one follows the noble thoughts in one's life will get success one day but not all of a sudden.

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सुभाषितम्(THOUGHT OF THE DAY)

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