Monday, April 27, 2026

सुभाषितम्(NOBLE THOUGHTS)

 न गणस्याग्रतो गच्छेत्सिद्धे कार्ये समम्फलम्।

यदि कार्य विपत्तिः स्यान्मुखरस्तत्र हन्यते।। 

अर्थात्, 

जनसमूह का मुखिया वनकर न जाएं , क्योंकी कार्य सिद्ध होने पर सव बराबर के फल के हिस्सेदार होंगे। यदि काम विगड़ गया तब मुखिया ही मार खाते हैं।

Meaning -

  One should not lead the gathering.as a chief Because the fruit of the action will be shared equally amongst all if the succeeds. But the leader is beaten up if it fails.

   

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सुभाषितम्(NOBLE THOUGHTS)

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