Saturday, April 25, 2026

सुभाषितम्(THOUGHT OF THE DAY)

 असत्यवचनं प्राज्ञः प्रमादेनापि न वदेत्।

श्रेयांसि येन भज्यन्ते वात्ययेव महाद्रुमाः।।

अर्थात्,

 बुद्धिमान् व्यक्ति कभी गलती से भी असत्य भाषण नहीं वोलना चाहिये क्योंकि उससे कल्याण वैसे टूट जाते हैं (/नष्ट हो जाते हैं) जैसे आंधी से महावृक्ष।

Meaning -

      A wise man should never tell a lie even by mistake. Because this breaks the good fortune just like the storm uproots the big trees.

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