Sunday, August 30, 2026

सुभाषितम्(THOUGHT OF THE DAY)

 Shloka:

यो ध्रुवाणि परित्यज्य अध्रुवाणि निषेवते। 

ध्रुवाणि तस्य नश्यन्ति अध्रुवं नष्टमेव हि।। 

अर्थात्:

जो निश्‍चित (कार्य/वस्तु) को छोड कर अनिश्‍चित के पीछे भागता है, उसका निश्चित नष्ट हो जाता है, अनिश्चित तो अप्राप्य  ही है । 

Meaning:

One who pursues what is uncertain ignoring what is certain, loses the certain while the uncertain is lost [to him] already.



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सुभाषितम्(THOUGHT OF THE DAY)

  Shloka: यो ध्रुवाणि परित्यज्य अध्रुवाणि निषेवते।  ध्रुवाणि तस्य नश्यन्ति अध्रुवं नष्टमेव हि।।  अर्थात्: जो निश्‍चित (कार्य/वस्तु) को छोड क...