Tuesday, October 28, 2025

सुभाषितम् (NOBLE THOUGHTS)

 जलबिन्दूनिपातेन क्रमशः पूर्यते घटः। 

स हेतुः सर्वविद्यानां धर्मस्य च धनस्य च।। 

अर्थात्  --  
            जल की एक एक बूंद  गिरने से जैसे धीरे धीरे घड़ा भर जाता है वही कारण सव प्रकारकी विद्याओं का, धनका और धर्मका भी है ।

Meaning  --

         Just like with every drop of water the pot gets fill slowly, the same applies on acquiring  education, richness and righteousness also.

Sunday, October 5, 2025

सुभाषितम् (NOBLE THOUGHTS)

 कटुतिक्तकषायाणि वातलानि लघूनि च। 

वर्जयेदन्नपानानि शिशिरे शीतलानि च।। 

   अर्थात् -
            शिशिर काल में  कड़ुवे, तिक्त, कसैले, वायुकारक और लघु तथा ठण्डे खानपानको छोड़ देना चाहिए। 
Meaning -
            In winter one should abstain from eating food like pungent, bitter, astringent, aerated food and light and cold food.

          

सुभाषितम्(NOBLE THOUGHTS)

 उद्योगे नास्ति दारिद्रयं जपतो नास्ति पातकम्।  मौनिनः कलहो नास्ति न भयं चास्ति जाग्रतः ।। अर्थात्,          उद्योगी /परिश्रमी का दारिद्रय नह...