Monday, May 4, 2026

सुभाषितम्(THOUGHT OF THE DAY)

 उच्चासनगतो नीचो नीचः एव न चोत्तमः।

प्रासादशिखरस्थोपि काकः न गरुडायते।।

अर्थात्,

   ऊँचे पद पर आसीन होने पर भी नीच नीच ही रहता है,उत्तम नहीं बन पाता। जैसे महल के शिखर पर बैठा हुआ कौवा कभी गरूड नहीं बनता है। 

Meaning --

  A despicable /mean person remains mean even though he holds a high position ; but can't be perfect. Just like the crow sitting on the top of the  palace cannot be a vulture .


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सुभाषितम्( THOUGHT OF THE DAY)

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