Tuesday, May 5, 2026

सुभाषितम्(NOBLE THOUGHTS)

 अति सर्वनाश हेतुर्ह्यतोऽत्यन्तं विवर्जयेत्। 

अर्थात्, 

 अति सर्वनाश का कारण है। इसलिए अत्यधिक का परित्याग करना चाहिए। 

Meaning --

 Excess is the cause of destruction. Hence one should forbid it in every respect.

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सुभाषितम्( THOUGHT OF THE DAY)

दुर्लभान्यपि कार्याणि सिध्यन्ति प्रोद्यमेन ही।  शिलापि तनुतां याति प्रपातेनार्णसो मुहुः।।  अर्थात्,    कठिन से कठिनतर कार्य भी उद्यम/प्रयास ...