Wednesday, May 6, 2026

सुभाषितम्(THOUGHT OF THE DAY)

 न च शत्रुरवज्ञेयो दुर्बलोऽपि बलीयसा।

अल्पोऽपि हि दहत्यग्निर्विषमल्पं हिनस्ति च।।

अर्थात्,

  बलवान व्यक्ति को  शत्रु का उपेक्षा दुर्बल होने पर भी नहीं करनी चाहिए। क्योंकि थोड़ी सी भी अग्नि जला देती है और थोड़ा-सा विष भी मार डालता है।

Meaning --

A powerful man should not ignore the enemies even the weak one. Because a little bit of fire also burns and even a small amount of poison kills.


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