Friday, November 28, 2025

Spices

  


औषरं   -  Rock salt 

वसिरं   -   Sea salt 

द्राविडकं  -  Black salt 

अजाजिः  -  Cumin seed 

कृष्णिका  -  Black mustard 

हरिद्रा  -   Turmeric 


Tuesday, November 25, 2025

Noble thought

 

उत्साहसम्पन्नमदीर्घसूत्रं क्रियाविधिज्ञं व्यसनेष्वसक्तम्।
शूरं कृतज्ञं दृढ़सौहृदं च लक्ष्मीः स्वयं याति निवासहेतोः‍‌‌।।

अर्थात् :
    जो उत्साही, आलस्यरहित, कार्य करने के उपायों को जानने वाले तथा बुरे विषयों में अनासक्त , वीर, कृतज्ञ और सच्ची मित्रता वाले हैं, ऐसे मनुष्य के घर स्थिर रहने के लिए लक्ष्मी स्वयं ‌ही जाती हैं।

Meaning -

         One who is enthusiastic, active or diligent , known to the method or solution of deed or action , uninterested to bad things , brave, grateful or thankful and indeed friends - Goddess Lakshmi automatically goes to those persons house to be stable.

Sunday, November 23, 2025

सुभाषितम्(NOBLE THOUGHTS)

 

परोक्षे कार्यहन्तारं प्रत्यक्षे प्रियवादिनम्।

वर्जयेत्तादृशं मित्रं विषकुम्भं पयोमुखम्।।


  परोक्ष में काम बिगाड़ने वाले और सामने प्रिय बोलने वाले मित्र को मुखपर  दूधवाले विष(जहर) से भरे घड़े के समान छोड़ देना चाहिए।


Thursday, November 20, 2025

सुभाषितम् (NOBLE THOUGHTS)

 

अनाहूतो विशेद् यस्तु अपृष्टो वहुभाषते।

आत्मानं मन्यते प्रीतं भूपालस्य स दुर्मतिः॥

अर्थात्  -

          विना बुलाए जो पास आता है, विना पुछे जो वहुत कुछ कहता है, जो स्वयं को शासक का अतिप्रिय मानता है, वो निर्वोध है।

Meaning : -

         One who comes without calling, the one who speaks more without being asked and the one who feels that he is favored by the ruler is a fool.

Tuesday, November 18, 2025

सुभाषितम् (NOBLE THOUGHTS)

 वचस्तत्रैव वक्तव्यं यत्रोक्तं सफलं भवेत्। 

स्थायी भवति चात्यन्तं रंगः शुक्लपट्टे यथा।। 

अर्थात्, 
           जहाँ बोलने पर वचन सफल होगा, उस स्थान में अपनी वात रखनी चाहीये। जैसे सफेद वस्त्र में रंग अत्यधिक  स्थायी होता है ।।

Meaning :

          One should put their words in that place where the purpose of sayings would be successful. Just like colors are more visible and permanent on white clothes rather on any other. 

Monday, November 17, 2025

सुभाषितम् (NOBLE THOUGHTS)

 मृगा मृगैः संगमनु्व्रजन्ति

गावश्च गोभिस्तुरगास्तुरंगैः।

मूर्खाश्च मूर्खैः सुधियः सुधीभिः

समानशील व्यसनेषु सख्यम्।।


अर्थात्,  

        हिरण हिरणों के साथ, गाय गायों के साथ, अश्व अश्वों के साथ, मुर्ख मुर्खों के साथ और पण्डित पण्डितों के साथ मिलकर रहना चाहते हैं। इससे ज्ञात होता है कि  समान स्वभाव और समान व्यसनवाले प्राणीयों का परस्पर मित्रता होता है। 


Meaning --


         Deer with deer, cow with cows, horse with horses, fool with fools and learned with learned people live together. This meant that the creatures of same nature and of same  conduct have friendships with each other.

Monday, November 3, 2025

सुभाषितम् (NOBLE THOUGHTS)

 अयं निजः परो वेति गणना लघुचेतसाम्।

उदारचरितानां तु वसुधैव कुटुम्बकम्।।

अर्थात् -
           " यह अपना अथवा पराया" -ऐसा विचार क्षुद्र हृदय वाले व्यक्तियों का है। परंतु उदार हृदय वाले व्यक्तियों के लिए " केवल पृथ्वी एक परिवार है"।

Meaning -

             "This is mine or others" - this consideration or thought is of narrow minded people. But for noble minded/magnanimous persons "only the Earth is one family ".

सुभाषितम्(NOBLE THOUGHTS)

 उद्योगे नास्ति दारिद्रयं जपतो नास्ति पातकम्।  मौनिनः कलहो नास्ति न भयं चास्ति जाग्रतः ।। अर्थात्,          उद्योगी /परिश्रमी का दारिद्रय नह...