Thursday, November 20, 2025

सुभाषितम् (THOUGHT OF THE DAY)

 

अनाहूतो विशेद् यस्तु अपृष्टो वहुभाषते।

आत्मानं मन्यते प्रीतं भूपालस्य स दुर्मतिः॥

अर्थात्  -

          विना बुलाए जो पास आता है, विना पुछे जो वहुत कुछ कहता है, जो स्वयं को शासक का अतिप्रिय मानता है, वो निर्वोध है।

Meaning : -

         One who comes without calling, the one who speaks more without being asked and the one who feels that he is favored by the ruler is a fool.

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