Tuesday, October 8, 2024

सुभाषितम्(THOUGHT OF THE DAY)

 युक्तियुक्तमुपादेयं वचनं वालकादपि।

विदुषापि सदा ग्राह्यं वृद्धादपि न दुर्वचः।। 

अर्थात्  - 
          
                  विद्वान् व्यक्ति के द्वारा वालक से भी युक्तियुक्त /उपयुक्त वचन सर्वदा ग्रहण योग्य है, परन्तु वृद्धव्यक्ति से अपशब्द/ दुर्वचन ग्रहण करना अनुचित है।

Meaning -  
                 
                  A learned person accepts reasonable words even from a child, but to receive abusive/unreasonable words from an old person is unacceptable.

No comments:

Post a Comment

सुभाषितम्(THOUGHT OF THE DAY)

 अनेकसंशयोच्छेदी परोक्षार्थस्य दर्शकम्। सर्वस्य लोचनं शास्त्रं यस्य नास्त्यन्ध एव सः।। अर्थात् --      अनेक सन्देहों को दूर करने वाला और छिप...