Saturday, March 28, 2026

सुभाषितम्(NOBLE THOUGHTS)

 सर्वागमानामाचारः प्रथमं परिकल्पते।

आचारः प्रथमो धर्मों धर्मस्य प्रभुरच्युतः।।

अर्थात्,

      सभी शास्त्रों में सदाचार मुख्यतः वर्णित हुआ है। सदाचार ही उत्तम धर्म है। धर्म का प्रभु स्वयं भगवान् नारायण हैं।


No comments:

Post a Comment

सुभाषितम्(NOBLE THOUGHTS)

 सर्वागमानामाचारः प्रथमं परिकल्पते। आचारः प्रथमो धर्मों धर्मस्य प्रभुरच्युतः।। अर्थात्,       सभी शास्त्रों में सदाचार मुख्यतः वर्णित हुआ है...