Friday, July 24, 2026

सुभाषितम्(THOUGHT OF THE DAY)

 स्वायत्तमेकांतगुणं विधात्रा विनिर्मितं छादनमनज्ञतायाः। 

 विशेषतः सर्वविदांसमाजे विभृषणं मौनमपण्डितानाम्‌ ।।

अर्थात् -

        पूर्णतया स्वाधीन रहनेवाली गुण विधाता द्वारा निर्मित मूर्खता /अज्ञानता का ढक्कन स्वरूप है। मौन विशेष रूप से विद्वत्समाज में मूर्खो के लिए आभूषण स्वरूप ही होता है ।


Meaning --

  Absolute self-dependent is the lid over ignorance made by almighty . Especially in the world of learned people silence works as ornament for foolish. 

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सुभाषितम्(THOUGHT OF THE DAY)

 स्वायत्तमेकांतगुणं विधात्रा विनिर्मितं छादनमनज्ञतायाः।   विशेषतः सर्वविदांसमाजे विभृषणं मौनमपण्डितानाम्‌ ।। अर्थात् -         पूर्णतया स्वा...