Hindi translation of Sanskrit textbooks available for Grades 9, 10, 11, and 12. Hub for jokes, essays, and miscellaneous articles written in Sanskrit.
Monday, June 30, 2025
NCERT SANSKRIT BHASWATI CLASS -11 CHAPTER - 1 कुशल प्रशासनम्
Tuesday, June 10, 2025
सुभाषितम्(THOUGHT OF THE DAY)
बहूनामप्यसाराणां समवायो हि दुर्जयः ।
अर्थात्,
अनेक निर्बल होने पर भी समूह /संगठन को जीतना कठिन है।
Meaning -
It's difficult to win also a group of several weak ones.
Sunday, June 1, 2025
ज्योतिषाचार्याणां नामानि ( NAMES OF ASTROLOGERS WITH SHAASTRAS)
ASTROLOGERS SHAASTRAS
१. लगधः - वेदाङ्गज्योतिषः
२. आर्यभट्टः - आर्यभटीयम्
३. वराहमिहिरः - बृहज्जातकम्-लघुजातकम्-पञ्चसिद्
४. ब्रह्मगुप्तः - ब्रह्मस्फुटसिद्धान्तः, खण्डखाद्यं, ध्यानग्रहः
५. भास्कराचार्यः - सिद्धान्तशिरोमणिः, करणकुतूहलञ्च
६. लल्लाचार्यः - रत्नकोशः धीत्तद्धियन्त्रञ्च
७. उत्पलाचार्यः - तत्तद्ग्रन्थटीकाः
८. श्रीपतिः - सिद्धान्तशेखरः, धीकोटिकरणं रत्नमाला जातकपद्धतिः
९. भोजदेवः - राजमृगाङ्ककरणम्
१०. केशवः - ग्रहकौतुकम्, मुुहूर्त्ततत्त्वंजातकपद्धतिः
११. गणेशदैवज्ञः - ग्रहलाघवम्
१२. कमलाकरः - सिद्धान्ततत्त्वविवेकः
Wednesday, May 28, 2025
शास्त्राणां नामानि ( NAMES OF SHAASTRAS)
Thursday, April 24, 2025
सुभाषितम्(THOUGHT OF THE DAY)
अनागतं यः कुरुते स शोभते
Wednesday, April 16, 2025
NCERT SANSKRIT BHASWATI CLASS -11 CHAPTER -7 संगीतानुरागी सुब्बण्णः
सुब्बण्ण का संगीत में जो स्वाभाविकी इच्छा थी, वो एकदिन राजभवन में होनेवाली संगति से और अधिक दृढ हो गई। एक दिन पुराणिकशास्त्री पुत्र के साथ राजभवन में आ कर वहाँ अन्तःपुर की स्त्रीयों के सम्मुख पुराण की कथा आरम्भ करते हुए पहले अपने पुत्र से शुक्लाम्वरधर आदि श्लोकों को गवाया। यह देखकर वहाँ उपस्थित सभी जन प्रसन्न हुए। कुछ समय पश्चात् वहाँ आये हुए राजा पास वैठ कर पुराण सुनते हैं। पिता के समीप बैठा हुआ सुब्बण्ण पुराणप्रवचन आग्रह पूर्वक सुनते हुए ही मध्य में महाराजा को भी आश्चर्य सहित देख रहा था। महाराजा के सुन्दर मुख, मुख पर विशाल तिलक धारण किए हुए, उसमे भी विशाल गाल का शोभा बढ़ाने वाला दाढ़ी और मूँछ आदि सब कुछ उसका विस्मय का कारण था। राजा भी उस बालक को दो तीन बार देख कर यह बालक चतुर है - ऐसा सोचा। और पुराण समाप्त होने पर है शास्त्री! यह बालक क्या आपका पुत्र है? ऐसा पूछा। हाँ, महाप्रभु, ऐसा शास्त्री ने उत्तर दिया। फिर से विस्मयपूर्वक राजा बालक को सम्बोधित करके है वत्स! क्या आप भी पिता के जैसे पुरणप्रवचन करोगे? ऐसे पूछा। तब वह बालक - मैं पुराण प्रवचन नहीं करता हूँ। संगीत गाता हूँ यह कहा। तब राजा वोले - निश्चय । तो फिर तब तक (हम) एक संगीत सुनते हैं ऐसा कहा। तत्पश्चात ही सुब्बण्ण श्रीराघव दशरथात्मज इत्यादि श्लोकों को संगीत में गा कर सुनाया। उसके अन्त में वो पुनः कस्तूरीतिलक इत्यादि श्लोक भी मुझे स्मरण है ऐसा कहा।
महाराजा अत्यधिक सन्तुष्ट हुए। इस प्रकार आनन्दित होकर राजा पारितोषिक के रूप में बालक को पान सहित उत्तरीय वस्त्र देकर, हे बालक! तुम बुद्धिमान हो। उत्तम रूप से संगीत शिख कर अच्छी तरह गाने के लिए आप अभ्यास करो। इसे भी अधिक पारितोषिक हम आपको देंगे - ऐसा बालक को कहकर और पुनः शास्त्री जी को उद्देश्य कर, हे शास्त्री जी! पुत्र चतुर है , उसका शिक्षा अच्छे से कीजीए, प्रायः महाकुशल होंगे ऐसा कहा। इसके बाद शास्त्री और पुत्र अपने घर को लौट गए।
Sunday, March 9, 2025
सुभाषितम् (THOUGHT OF THE DAY)
वित्तेन रक्षते धर्मो विद्या योगेन रक्षते।
मृदुना रक्षते भूपः सस्त्रिया रक्षते गृहम्॥
अर्थात्,
धन के द्वारा धर्म की रक्षा होती है, अभ्यास से विद्या की रक्षा होती है। विनय भाव से राजा का रक्षा होता है; उत्तम स्वभावयुक्त स्त्री से गृह का रक्षा होता है॥
Meaning -
Dharma is protected by wealth, education by practice. King is protected by politeness; home by good woman.
सुभाषितम्(THOUGHT OF THE DAY)
Shloka: मूढ़ जहीहि धनागम तृष्णां, कुरु सद्बुद्धिं मनसि वितृष्णाम्। यल्लभसे निजकर्मोपात्तं, वित्तं तेन विनोदय चित्तम् ।। अर्थात्: हे मुर्ख! ध...
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1. मुखम् - Face 2. कपालः - Skull 3. चिकूरः - Hair 4. कर्कराला - A curl of hair, ringlet 5. अलिकं - Forehead 6. कर्ण...