Thursday, February 6, 2025

सुभाषितम्(NOBLE THOUGHTS)

 


प्रभूतं कार्यमल्पं वा यन्नरः कर्तुमिच्छति।

सर्वारम्भेण तत्कार्यं सिंहादेकं प्रचक्षते॥


अर्थात्,

            बहुत अथवा अल्प कार्य जो मनुष्य करना चाहता है, सर्वप्रथम उस कार्य को पूरी लगन और हिम्मत के साथ सम्पन्न करे।सिंह का इसी एक महत्त्वपूर्ण गुण मनुष्य को ग्रहण करना चाहिए।


        

Monday, February 3, 2025

सुभाषितम्(NOBLE THOUGHTS)

 


 अन्नाद्दशगुणं पिष्टं पिष्टाद्दशगुणं पयः।

पयसोऽष्टगुणं मांसं मांसाद्दशगुणं घृतम्॥

     अर्थात्,

               अन्न की अपेक्षा आटा दस गुना अधिक शक्तिवर्धक होता है। आटे से दस गुना अधिक शक्ति दूध में होती है। मांस दूध से भी आठ गुना अधिक बल प्रदान करता है। परन्तु घी मांस से भी अधिक दस गुना शक्ति में वृद्धि कर देता है। इसलिए भोजन में घी की उचित मात्रा अवश्य ग्रहण करना चाहिए। 

Meaning -  Wheat flour is ten times more energetic than rice. Milk is ten times more than wheat flour. We get eight times more power from meat than milk. But ghee adds ten times more energy than meat. So one should add ghee in their daily meals in proper quantity.

Thursday, November 21, 2024

व्यावहारिक दृश्यावली(SHORT STORIES)

 एका महिला वस्त्रप्रक्षालनचूर्णं आनेतुं विपणीं अगच्छत्। मार्गे गच्छती सा देवालयं दृष्ट्वा तत्र अगच्छत्। देवालये देवदर्शनं कृत्वा एकस्मिन् आपणे प्रविष्टा। 

महिला - (अपृच्छत् आपणिकाम् ) वस्त्रप्रक्षालनचूर्णं  अस्ति वा न? 

आपणिका - आम् , अस्ति। (आपणिका आहूतवती ) भो भगिनी! आगच्छतु शीघ्रम् आपणाभ्यन्तरम् तव हस्ते औषधिं लेपयिष्यामि।

                         (एतत् श्रुत्वा आश्चर्येण सह)

 महिला  आहुः - (आश्चर्येण सह)  नही, नही,  किमपि न भवति। कुत्रचिदपि मम शरीरे आघातः न भवति। (स्मरणं कृत्वा)  भवती तु रक्तवर्णं सिन्दूरयुक्तं अङ्गुलिं दृष्टवा तस्मात् रुधीरः निर्गच्छति इति मन्यते किल ।

आपणिका -  आम्।
 महिला -   (स्मितमुखेन अवदत्) अहं संप्रति विपणीं आगमन समये मार्गेस्य दक्षिणतः आगतं देवालयं गतवती।
तत्र देवदर्शनं कृत्वा मस्तके सिन्दूरं धारितवती। किञ्चित् सिन्दूरं अङ्गुल्यां धारयित्वा परिवारसदस्यानां कृते नयामि।
आपणिका - समीचीनमस्ति। अहमपि एवं  करोमि इति उक्तवा अहसताम् उभयौ।

Saturday, November 16, 2024

ऋतुनाम् नामानि( SEASONS NAME)

 

१.  वसन्तऋतु                                        -          Spring

२.    निदाघः/ ग्रीष्मऋतु                            -         Summer 

३.   जलार्णवः / प्रावृषः  / वर्षाऋतु               -          Monsoon

४.  जलात्ययः / शरदृतु                               -         Autumn

५.  हेमन्तऋतु                                            -        Pre-winter

६.  शिशिरः / शीतऋतु                                 -        Winter

Friday, November 15, 2024

सुभाषितम्(NOBLE THOUGHTS)

 

सुवर्णपुष्पां पृथिवीं चिन्वन्ति पुरुषास्त्रयः।

शूरश्च कृतविद्यश्च यश्च जानाति सेवितुम्॥

 

अर्थात्, 

         बलवान्, पण्डित तथा सेवाभिज्ञ जन - ये तीन प्रकार के व्यक्ति इस पृथ्वी से सुवर्णपुष्प आहरण करने में समर्थ होते हैं॥

Meaning  - 

             Powerful, learned and the person skilled in service - these three types of people are able to acquire/collect golden flower(means the ultimate goal) from this earth.

Sunday, October 13, 2024

व्यावहारिक दृश्यावली(SNIPPETS FROM DAILY LIVES)

  

                         संकीर्णपथे शिशुः मात्रा सह गच्छति। तदा तस्य दृष्टिः एकस्य आपणस्योपरि पतति । आपणे नित्यव्यवहृतानि गृहोपकरणानि तथा खाद्यपानीयादि द्रव्याणि स्थितानि। एतत् सहितं तत्र चाकलेहः पयोहिममपि च उपलभ्यते। माता यदा आपणं निकषा आप्नोति तदा मार्गे एव मातुः हस्तं कर्षयित्वा शिशुः अभिनयेन आपणं प्रति गन्तुम् दर्शयति। तस्य अभिनयं दृष्ट्वा  उच्चैः वदति माता - "नहि। मम स्यूते धनं नास्ति। गृहं प्रति चलतु।" 

शिशुः -  हस्तं क्षिप्त्वा पदोत्थानेन सह च उम् इति शब्दं कृत्वा तिष्ठति तत्र । 

दृष्ट्वा इमं माता तस्य हस्तं धृत्वा शीघ्रं गृहम् प्रति गच्छति स्म।

Tuesday, October 8, 2024

सुभाषितम्(NOBLE THOUGHTS)

 युक्तियुक्तमुपादेयं वचनं वालकादपि।

विदुषापि सदा ग्राह्यं वृद्धादपि न दुर्वचः।। 

अर्थात्  - 
          
                  विद्वान् व्यक्ति के द्वारा वालक से भी युक्तियुक्त /उपयुक्त वचन सर्वदा ग्रहण योग्य है, परन्तु वृद्धव्यक्ति से अपशब्द/ दुर्वचन ग्रहण करना अनुचित है।

Meaning -  
                 
                  A learned person accepts reasonable words even from a child, but to receive abusive/unreasonable words from an old person is unacceptable.

सुभाषितम्(NOBLE THOUGHTS)

 उद्योगे नास्ति दारिद्रयं जपतो नास्ति पातकम्।  मौनिनः कलहो नास्ति न भयं चास्ति जाग्रतः ।। अर्थात्,          उद्योगी /परिश्रमी का दारिद्रय नह...