Saturday, January 10, 2026

सुभाषितम्(NOBLE THOUGHTS)

 वसन्ते निचितः श्लेष्मा दिनकृद्भाभिरीरितः।

कायाग्निं बाधते रोगांस्ततः प्रकुरुते बहून्।।

तस्माद्वसन्ते कर्माणि वमनादीनि कारयेत्।

गुर्वम्लस्निग्धमधुरं दिवास्वप्नं च वर्जयेत्।।

अर्थात् --

वसन्त काल में सञ्चित हुआ कफ सूर्य की किरणों से पिघल कर अर्थात् द्रव वन कर शरीर की अग्नि को कम् करके कफजन्य बहुत से रोगों को उत्पन्न करता है।

 इसलिए कफ को निकालने के लिए वसन्त ऋतु में वमन, शिरोविरेचन  क्रियाएँ करनी चाहिए। गुरु, अम्ल, स्निग्ध, मधुर वस्तुओंका सेवन और दिन में सोना त्याग करना चाहिए। 

Sunday, December 28, 2025

सुभाषितम्(NOBLE THOUGHTS)

 मातृपितृकृताभ्यासो गुणितामेति बालकः।

न गर्भच्युतिमात्रेण पुत्रो भवति पण्डितः।।

अर्थात्,

    माता-पिता के अभ्यास कराने पर ही बालक विद्वान् होता है। गर्भ से निकलते ही पुत्र विद्वान् नहीं हो जाता है।

Meaning --

The child becomes intelligent because of proper guidance given by the parents. The child is never intelligent right after coming out of the womb.

Saturday, December 27, 2025

सुभाषितम्(NOBLE THOUGHTS)

 संहतिः श्रेयसी पुंसां स्वकुलैरल्फकैरपि।

तुषेणापि परित्यक्ता न प्ररोहन्ति तण्डुलाः।।

अर्थात्,

    अपने कुल के छोटे व्यक्तियों का समूह भी कल्याणकारी  होता है। जैसे भूसा मात्र से अलग हो जाने पर चावल फिर अंकुरित नहीं होते।

Thursday, December 25, 2025

सुभाषितम्(Noble Thoughts)

 गुणेष्वेव हि कर्तव्यः प्रयत्नः पुरुषैः सदा। 

गुणयुक्तो दरिद्रोऽपि नेश्वरैरगुणै समः।। 

अर्थात्, 

     व्यक्ति सर्वदा सद्गुणोंको ग्रहण करने में प्रयत्न करना चाहिए। दरिद्र होने पर भी व्यक्ति यदि गुण के अधिकारी है, तो गुणहीन नृपति अथवा धनाढ्य व्यक्ति से भी अधिक सम्मानित होता है। 


Meaning --

    People should always try to accept virtues. One even being poor if having virtues is mostly respected than virtueless king or richest person. 

    

Wednesday, December 24, 2025

सुभाषितम्(NOBLE THOUGHTS)

 यस्तु संचरते देशान् यस्तु सेवेत पण्डितान्।

तस्य विस्तारिता बुद्धि स्तैलविन्दुरिवाम्भसि।।

अर्थात्,

       जो व्यक्ति अनेक देश भ्रमण करता है और विद्वानों का सेवा करता है उसका बुद्धि पानी में तैलविन्दु सदृश विस्तारित हो जाता है।

Meaning --

The one who travels several countries and serves the intelligents, his intelligence expands just like the oil drop spreads in the water.


Tuesday, December 23, 2025

सुभाषितम्(NOBLE THOUGHTS)

 ग्रीष्मबर्जेषु कालेषु दिवा स्वापो निषिद्ध्यते।

उचितो हि दिवा स्वापो यतोनित्यः शरीरिणाम्।।

अर्थात्, 

     मनुष्यों का निद्रा दैनन्दिन कर्तव्य है। परन्तु ग्रीष्मकाल को छोड़कर अन्य समय में दिन में सोना निषिद्ध है।

Meaning --

     Sleeping is the daily routine of human beings. But sleeping in the day time is forbidden except in the days of Summer.


Monday, December 22, 2025

Comparative and Superlative Degrees

 Words.            Comparative.        Superlative 

१.पृथु(wide)        प्रथीयस्                   प्रथिष्ठ

२.प्रिय (dear )      प्रेयस्                  प्रेष्ठ

३.बाढ(firm, strong)  साधीयस्          साधीष्ठ

४.बहु/बह्वी (much)    भूयस्               भूयिष्ठ 

५. बहुल (thick)        बहीयस्            बहिष्ठ

६. महत्                   महीयस्           महिष्ठ 

७. मृदु(soft)            म्रदीयस्             म्रदिष्ठ

८. स्वल्प(very small)     स्वल्पीयस्      स्वल्पिष्ठ 

९. स्वादु(taste)            स्वादीयस्          स्वादिष्ठ 

१०. वृंदार (beautiful)       वृंदीयस्            वृंदिष्ठ

११. प्रशस्य(praiseworthy,    श्रेयस्/ज्यायस्    श्रेष्ठ/ज्येष्ठ 

                   excellent)

१२. भृश(strong,mighty,       भ्रशीयश्            भ्रशिष्ठ

                very much)


सुभाषितम्(NOBLE THOUGHTS)

 उद्योगे नास्ति दारिद्रयं जपतो नास्ति पातकम्।  मौनिनः कलहो नास्ति न भयं चास्ति जाग्रतः ।। अर्थात्,          उद्योगी /परिश्रमी का दारिद्रय नह...