नाप्राप्यमभिवाञ्छन्ति नष्टं नेच्छन्ति शोचितुम्।
आपत्स्वपि न मुह्यन्ति नराः पण्डितबुद्धयः।।
अर्थात्,
विद्वानों के सदृश बुद्धिवाले अर्थात् चतुर मनुष्य दुर्लभ वस्तु की इच्छा नहीं रखते और नष्ट हुए का चिन्ता नहीं करते एवं आपत्ति आने पर घवराते नहीं हैं।
Meaning -
Clever people neither desire rare/ precious things nor think of the destroyed and also they don't get panic when face trouble.
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